राष्ट्रीय एकात्मता के प्रबल आग्रही, अभाविप के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व राज्यपाल पद्मनाभ बालकृष्ण जी आचार्य के निधन पर शोक संदेश।
दि. 10 नवंबर 2023
-:शोक संदेश:-
राष्ट्रीय एकात्मता के प्रबल आग्रही, अभाविप के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व राज्यपाल पद्मनाभ बालकृष्ण जी आचार्य के निधन पर शोक संदेश।
राष्ट्रीय एकात्मता के प्रबल आग्रही, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ( वर्ष 1969-70), प्रख्यात राजनीतिज्ञ, कुशल संगठनकर्ता, पूर्व राज्यपाल श्री पद्मनाभ बालकृष्ण जी आचार्य का निधन विद्यार्थी परिषद परिवार के लिए अत्यंत कष्टप्रद है। उनका जन्म 8 अक्टूबर सन् 1931 को कर्नाटक के उडुपी जिले में हुआ था। सन् 1949 में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद मुंबई में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़कर संगठन के विभिन्न दायित्वों का सफल निर्वहन करते हुए उन्होंने संगठन के प्रति अपनी अटूट निष्ठा से विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं तथा विद्यार्थियों का पथ-प्रदर्शन किया।
स्वतन्त्रता पश्चात के शुरुआती दशकों में पूर्वोत्तर भारत की कठिन परिस्थितियों के बीच पद्मनाभ बालकृष्ण जी आचार्य ने राष्ट्रीय एकता के दिशासूत्रों पर कार्य करते हुए वर्ष 1966 में 'अंतर-राज्य छात्र-जीवन दर्शन' (SEIL) की स्थापना में अग्रणी भूमिका निभाई, राष्ट्रीय एकात्मता के प्रबल आग्रही के रूप में पद्मनाभ आचार्य जी का योगदान अविस्मरणीय रहेगा। स्व पद्मनाभ बालकृष्ण आचार्य जी का संपूर्ण जीवन देश सेवा तथा राष्ट्रभक्ति के विचारों के प्रसार के लिए समर्पित था। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में संगठन कार्य के दौरान उन्होंने देश की युवा शक्ति को 'राष्ट्र प्रथम' के विचारों के प्रति प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया।
स्व. पद्मनाभ आचार्य का एक परिचय प्रख्यात राजनीतिज्ञ के रूप में भी था, उन्होंने नागालैंड, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा तथा असम राज्य के राज्यपाल के रूप सुदीर्घ समय तक देशसेवा की। स्व. पद्मनाभ बालकृष्ण आचार्य जी का सम्पूर्ण जीवन समाज सेवा तथा देश कार्य को समर्पित रहा है, देश के ऐसे महान व्यक्तित्व के निधन पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजशरण शाही, राष्ट्रीय महामंत्री श्री याज्ञवल्क्य शुक्ल, राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री आशीष चौहान, राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री श्री प्रफुल्ल आकांत तथा अभाविप के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रा. मिलिंद मराठे ने अभाविप कार्यकर्ताओं की श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए आचार्य जी के कार्यों तथा विचारों से प्रेरणा पाए हुए असंख्य कार्यकर्ताओं के प्रति संवेदना व्यक्त कर पुण्य आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना की।
(यह शोक सन्देश केन्द्रीय कार्यालय मंत्री श्री दिगंबर पवार द्वारा जारी किया गया है।)